महाराजा अजमीढ़ जयंती पर 14वें जेम्स ऑफ इंडिया नेशनल अवार्ड का भव्य आयोजन, 12 देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
महाराजा अजमीढ़ जयंती पर 14वें जेम्स ऑफ इंडिया नेशनल अवार्ड का भव्य आयोजन, 12 देशों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा
नई दिल्ली। महाराजा अजमीढ़ जयंती के पावन उपलक्ष्य में भारत मंच ट्रस्ट एवं नाड़ी वैद्य कायाकल्प के संयुक्त तत्वावधान में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को डॉ. अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, 15 जनपथ, नई दिल्ली में इंटरनेशनल कॉन्क्लेव एवं 14th GEMS OF INDIA AWARD CEREMONY का ऐतिहासिक और भव्य आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चले इस महा-अधिवेशन में देश के कोने-कोने से आए सैकड़ों दिग्गजों के साथ-साथ 10 से 12 देशों के अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने शिरकत कर इसे वैश्विक स्वरूप प्रदान किया।
कार्यक्रम के सूत्रधार नाड़ी वैद्य कायाकल्प के संस्थापक सत्य प्रकाश आर्य जी और भारत मंच ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत द्विवेदी जी रहे, जिनके अथक प्रयासों से यह आयोजन सफलता के शिखर पर पहुंचा।
डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने कहा – “जेम्स ऑफ इंडिया एक अवार्ड नहीं, एक आंदोलन है”
भारत मंच ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत द्विवेदी जी ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा,
“जेम्स ऑफ इंडिया अवार्ड सिर्फ एक ट्रॉफी या प्रमाण पत्र नहीं है, यह एक आंदोलन है। यह उन गुमनाम नायकों को तलाशने का आंदोलन है जो बिना किसी प्रचार के देश के लिए काम कर रहे हैं। पिछले 14 वर्षों से हम इस अवार्ड को देश के सबसे प्रतिष्ठित मंचों – इंडिया गेट, लाल किला, संसद भवन परिसर, विज्ञान भवन, कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया जैसी ऐतिहासिक जगहों पर आयोजित करते आ रहे हैं। हमारा उद्देश्य है कि शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, सामाजिक सेवा, आध्यात्म और उद्योग जगत के रत्नों को राष्ट्रीय पहचान मिले और उनकी कहानी पूरे भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा बने। महाराजा अजमीढ़ जी ने हमें सिखाया है कि सच्चा राजा वही है जो अपनी प्रजा की सेवा करे, आज के हमारे सभी सम्मानित अतिथि उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले वर्षों में भारत मंच ट्रस्ट इस अवार्ड को और भी बड़े वैश्विक स्तर पर लेकर जाएगा और विदेशों में बसे भारतीय प्रतिभाओं को भी भारत से जोड़ेगा।
मुख्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति ने बढ़ाया मान
फेज-1 – न्यायपालिका का आशीर्वाद: समारोह के प्रथम सत्र में देश की न्यायपालिका के शिखर पुरुषों ने आशीर्वाद दिया। भारत के 37वें मुख्य न्यायाधीश माननीय जस्टिस के.जी. बालाकृष्णन जी ने अपने संबोधन में कहा कि “मैंने जीवन भर न्याय के मंदिर में सेवा की है, लेकिन आज भारत मंच ट्रस्ट ने जिस तरह समाज के हर वर्ग के सच्चे नायकों को एक मंच पर लाकर सम्मानित किया है, वह स्वयं में न्याय है। यह सामाजिक न्याय है। डॉ. प्रशांत द्विवेदी और सत्य प्रकाश आर्य जी का यह प्रयास अभिनंदनीय है।” उनके साथ बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस संजय ए. देशमुख जी और वाराणसी के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज श्री अनिल कुमार यादव जी भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
फेज-2 – अंतर्राष्ट्रीय अतिथियों ने की भारत मंच की तारीफ: दूसरे सत्र में अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों ने भारत की संस्कृति की जमकर तारीफ की। गणराज्य मालदीव के शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. अब्दुल्ला रशीद अहमद ने कहा, “मैं मालदीव से भारत के इस भव्य आयोजन में आकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। डॉ. प्रशांत द्विवेदी जी के नेतृत्व में भारत मंच ट्रस्ट जो काम कर रहा है, वह दो देशों के बीच शिक्षा और संस्कृति के पुल का काम है। भारत हमेशा से विश्व गुरु रहा है और आज यहाँ 12 देशों के लोगों को देखकर यह साबित हो रहा है।”
इसी क्रम में मालदीव की डायरेक्टर जनरल (शिक्षा मंत्रालय) सुश्री मरियम नासिर ने कहा कि “यह मेरा भारत में पहला मौका है, और भारत मंच ट्रस्ट की मेहमाननवाजी और आयोजन की भव्यता ने मेरा दिल जीत लिया। डॉ. प्रशांत द्विवेदी जी का विजन वाकई काबिले-तारीफ है।” इस सत्र में वेदिक साइंस वर्चुअल विश्वविद्यालय, USA के अध्यक्ष डॉ. रवि प्रकाश आर्य और SGSU के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. जतिन सोनी जी ने भी अपने विचार रखे।
फेज-3 – उत्तर प्रदेश व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रवि कांत गर्ग जी और MSME PM विश्वकर्मा योजना के निदेशक श्री रमेश कुमार यादव जी ने शिरकत कर उद्यमियों और शिल्पकारों का हौसला बढ़ाया।

गेस्ट ऑफ ऑनर – विश्व भर के रत्न एक मंच पर
गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में जिन विश्व-स्तरीय हस्तियों ने शिरकत की, उन्होंने भी कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की:
- श्री सी. बी. यादव जी – माननीय कमिश्नर, स्टेट ऑफ जॉर्जिया, USA
- हुज्जतुल इस्लाम अल्लामा डॉ. मौलाना कल्बे रुशैद रिज़वी जी – शिया समुदाय के सर्वाधिक सम्मानित धार्मिक नेता, जिन्होंने एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
- पद्मश्री डॉ. एम. वाली जी – भारत के राष्ट्रपति के चिकित्सक (हेल्थ पार्टनर के रूप में)
- प्रो. (डॉ.) के. पी. यादव “विश्व गुरु” जी – माननीय कुलपति, MATS यूनिवर्सिटी, रायपुर (एजुकेशन पैट्रन)
- श्री अश्वनी राजपाल जी – प्रेसिडेंट, FVS कनाडा
- श्री राजीव भामू जी – सॉफ्टवेयर इंजीनियर, USA
- श्री रंजीत बदलू एवं लीला बदलू जी – हॉलैंड, नीदरलैंड
इनके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित मुंजाल जी, डॉ. एम. ए. खान जी, बिहार के पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री दद्दन यादव जी और प्रसिद्ध वैदिक ज्योतिष गुरु प्रेमानंदा जी महाराज सहित कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
सत्य प्रकाश आर्य जी ने किया स्वर्णकार समाज का विशेष सम्मान
नाड़ी वैद्य कायाकल्प के संस्थापक सत्य प्रकाश आर्य जी ने अपने संबोधन में विशेष रूप से स्वर्णकार समाज के लोगों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने कहा,
“स्वर्णकार समाज सिर्फ आभूषण नहीं बनाता, वह भारत की संस्कृति, परंपरा और समृद्धि को गढ़ता है। महाराजा अजमीढ़ जी के समय से ही स्वर्णकार समाज का देश के निर्माण में अभूतपूर्व योगदान रहा है। आज हमारे बीच स्वर्णकार समाज की कई ऐसी विभूतियां हैं जिन्हें हमने सम्मानित किया है, मैं उन सभी को साधुवाद देता हूँ और उनका आह्वान करता हूँ कि वे समाज और राष्ट्र निर्माण में इसी प्रकार आगे आते रहें। भारत मंच ट्रस्ट और नाड़ी वैद्य कायाकल्प हमेशा आपके साथ है।”
इन हस्तियों को मिला जेम्स ऑफ इंडिया अवार्ड 2026
शिक्षा, स्वास्थ्य, सोशल सर्विस, गौसेवा, आर्किटेक्चर, पुलिस सेवा एवं स्वर्णकार समाज सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित होने वालों में प्रमुख नाम रहे:
आंध्र प्रदेश से रिटायर्ड मेजर सुदर्शन रेड्डी जी, गोवा से सौरव आनंद जी, पंजाब से प्रो. डॉ. हर्षवर्धन जी, आर्किटेक्ट सुषमा यादव जी, प्रो. नीता नारायण जी, डॉ. मधु चौधरी जी, गौसेवा के लिए कामधेनु मंगल परिवार, डॉ. भारत भूषण जी, करियर काउंसलिंग के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले मोहन तिवारी जी, दिल्ली पुलिस से एसीपी संदीप मल्होत्रा जी, डॉ. उमामामा मुफ्ती जी और स्वर्णकार समाज की कई जानी-मानी हस्तियां।
इसके साथ ही कनाडा, हॉलैंड, यूके, नीदरलैंड, मालदीव्स, अमेरिका और अन्य देशों से आए प्रतिनिधियों को भी इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अवार्ड से नवाजा गया।
अंत में सत्य प्रकाश आर्य जी और डॉ. प्रशांत द्विवेदी जी ने सभी अतिथियों, सहयोगियों, प्रायोजकों और मीडिया बंधुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया और संकल्प लिया कि यह राष्ट्र-सेवा की यात्रा अनवरत चलती रहेगी।
